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नाकामियों की धूल को ज़रा झाड़ कर तो देख,
तू अपनी क़ाबलियत को ज़रा पहचान कर तो देख।
यह जो राहों में पत्थर हैं, ये कोई दीवार नहीं,
तेरी हिम्मत से बढ़कर कोई हथियार नहीं।
हौसलों के तरकश में तीर अभी बाकी है,
तेरे पंखों में उड़ने की उड़ान अभी बाकी है।
कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता,
एक पत्थर तो तबीयत से उछाल कर देख।
तू रुक मत, तू झुक मत, यह तेरी ही कहानी है,
हर मुश्किल को पार करना तेरी ही रवानी है।
ज़माने को साबित करके दिखाना है तुझे,
अपनी ही मेहनत से अपनी तक़दीर बनाना है तुझे।