जात -पात का अर्थ उसके मूल को
समझना जरुरी है
बिना समझे , दीर्घ विश्लेषण
निष्कर्ष उचित नहीं ।
इसका अर्थ यह नहीं कि मैं
जात -पात ,धर्म विभाजन
की समर्थक हूँ ।
मेरा एक अपना अलग
दृष्टिकोण है जहाँ मुझे इसकी
आवश्यकता लगती है क्योंकि
यह कोई आज की व्यवस्था
नहीं बल्कि व्यवस्था की अनुकूलता है। Ruchi_Dixit