Hindi Quote in Poem by Sudhir Srivastava

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

यमराज का ग़ुस्सा
**********
पहली वारिश और ये हाल
हर ओर सुनाई पड़ रहा त्राहि माम
बेचारा यमराज है परेशान
लोग उसे बेवजह कर रहे बदनाम।
सुनकर उसे भी गुस्सा आया
जोर से भन्नाया - इज्जत का फालूदा बनाया।
कहने लगा- ये सब विकास की माया है
कमीशन जमकर खाया गया है।
पेड़ों की अंधाधुंध कटाई
नदी, नाले, तालाबों पर अतिक्रमण
अनियोजित शहरीकरण, गाँवों से पलायन
आधुनिकता की आँधी और नित नव सुविधाओं का लोभ
बढ़ता प्रदूषण, बिगड़ता मौसम चक्र
ऊपर से स्वार्थ, लोभ की विकृति मानसिकता
मरती संवेदनाएं, जहरीली होती भाव-भंगिमाएं
यही है आज का मानव समाज।
बदले में रोता है, खूब खोता है,
जो बोता है, वही तो काटता है
फिर भी जमकर अफसोस करता
और घड़ियाली आँसू बहाता है,
मगर खुद को बदलने का विचार
भूलकर भी मन में नहीं लाता है,
बस! दोष पर दोष सिर्फ औरों को देता है।
इस लिस्ट में मेरा नाम भी आज आ गया
जिसका मलाल मुझे बिल्कुल नहीं है,
क्योंकि आज का तथाकथित मानव
तो ईश्वर पर भी नित नये आरोप जड़ता है
उन्हें भी अक्सर बदनाम करता है,
खुद को बड़ा विकास पुरुष कहता है,
और गली, मुहल्ले, कस्बे , शहरों की छोड़िए
सड़कों पर भरे पानी में भी
तैरने का अभ्यास करने लगता है,
आगामी ओलम्पिक में मैडल पाने के
खूबसूरत सपने संजोता है,
अंत में वारिश, यमराज और ईश्वर को बदनाम कर
अपने अपने आँसू पोंछकर सब भूल जाता है।

सुधीर श्रीवास्तव

Hindi Poem by Sudhir Srivastava : 112030498
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now