मेरे कान्हा 💝
मन के मंदिर में दीप जलाया,
श्याम का नाम अधरों पर आया।
दुख की धूप भी छाँव बन गई,
जब राधे-राधे मन ने गुनगुनाया।
मुरली की मधुर तान सुनकर,
हर पीड़ा मुस्कान बन जाती है।
जो शरण में आ जाए कन्हैया की,
उसकी हर साँस पूजा बन जाती है।
न माँगूँ सोना, न माँगूँ ताज,
बस श्याम का प्रेम रहे मेरे पास।
यही मेरी दौलत, यही मेरा मान,
राधे-श्याम ही मेरी पहचान।
मेरे एहसास 🥀