Quotes by alfaj a mamta in Bitesapp read free

alfaj a mamta

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@mamtaprajapat459417


अलविदा

जब भी अलविदा लिखने के लिए लिखा "अ" हाथ कांपने लगे...

"अ" के अकेलेपन को हर बार बदलकर "आ" किया और पूरा किया वाक्य को "आ जाओ"

पर आप कभी आए ही नहीं, और मैं कभी लिख ही नहीं सकीं अलविदा

खैर

ये जो तुम वापिस न लौटने की ख़बर छोड़ गए हों, मैंने सुना है तुम ये शहर छोड़ गए हों लोग मेरी डायरि ढूंढ रहे हैं, तुम मेरी ग़ज़ल मे वो असर छोड़ गए हों....

सारा ज़माना तुमको मुझमे ढूंढ रहा है, तुम हो कि जाने मुझे किधर छोड़ गए हों.. दामन चुराने वाले ये तो बता, मेरी रूह में ये कैसा अपनापन छोड़ गए हों.. मंज़िल की है ख़बर ना रास्तों का है पता.... सफ़र छोड़ गए हों.....!!

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