27/10/2025
समय
समय कुछ भी ठीक नहीं करता,
यह सिर्फ दर्द के साथ जीना सीखता हैं।
हर एक फूल किसी दिन मुरझा जाता है
वे कभी भी अपने उस,
पुराने रूप को दौबारा ले नहीं पाती ।
जो बीत गया उसे जाने दो
वह कल कभी आज नहीं हो सकती।
समय की धारा इंसान को
असहाय कर देता है
यह बेरहमी से उन
दृश्यों को निगल जाता है
जिन्हें हम कभी वापस ला नहीं सकते ।
हमे वस यह याद रूखने की
जरूरत है कि हम कौन है!
भूतकाल को भूल जाओ
भविष्य के बारे में क्यों इतना सोचना ?
जो वादा किया है, उसे पूरा करो
अपने जिम्मेदारीयों से क्यों भागना ?
जो चाहते हो वह कर दो
सोचने में क्यों वक्त बरबाद करना ?
यह वक्त खुद मिलता नहीं बापिस
बीत जाती जल्दी हर एक पल ।
यह समय कुछ भी ठीक नहीं करता
हम्हें वक्त के साथ मजबुत
और दर्द के साथ जीना सीखता हैं।