मैं मुस्कुराऊँ तो उसे हैरानी होती है,
जैसे मेरी खुशी उससे अनजानी होती है…
वो समझता है मैं टूट चुकी हूँ शायद,
उसे क्या पता..??
मेरी हँसी भी मेरी कहानी होती है…
हर दर्द को छुपाकर रखती हूँ अपने अंदर,
इसलिए चेहरा थोड़ा रोशनी-सा नजर आता है,
उसे लगता है सब ठीक है मेरे साथ,
पर सच तो ये है.....
मुस्कुराना भी एक तरह की मजबूरी लगती है…
- M K