पहले भिखारी होते जो दे दे
उसी में खुश
पर अब भिखारी कि भीख मांगने की
अदा चेंज हो गई है
अब बड़े बिखरी हो गए हैं
रोड पे नाच के रील बनाते हैं
सोच वही है तरीका नया है
पर वो पहले वाला रियल था
फटे कपड़े
अब नए कपड़े
इज्जत दोनों की नहीं दिमाग होने का कोई मतलब नहीं