तेरे पैरों तले ज़मीन खिसकना अभी बाक़ी है,
जो ज़हर मैंने पिया, वो चखना तुझे अभी बाक़ी है।
दुआ है—तेरी पहली औलाद बेटा हो,
और जो मेरे साथ हुआ, वही मंज़र उसे नसीब हो।
मैं तो मर्द था, दर्द छुपा गया,
वो मासूम शायद छुपा न पाएगा।
जब अपनी ही सूरत को तू तड़पता देखेगी,
कसम खुदा की, तू लहू के आँसू रोएगी।"