Quotes by Jeetendra in Bitesapp read free

Jeetendra

Jeetendra

@a9560
(684)

सुबह की धूप जब खिड़की से अंदर आती है,
तो वो सिर्फ रोशनी नहीं लाती…
वो रात भर की थकान भी चुपचाप समेट ले जाती है।

ज़िंदगी भी कुछ ऐसी ही है।
हर दिन कोई बड़ी जीत नहीं मिलती,
कभी सिर्फ चाय का गरम कप,
किसी अपने की हल्की-सी मुस्कान,
या रास्ते में मिली ठंडी हवा ही काफी होती है
दिल को फिर से चलने के लिए।

आज का दिन भी वैसा ही हो सकता है।
शायद कोई बड़ा चमत्कार न हो,
पर अगर मन शांत रहे
और कदम धीरे-धीरे सही दिशा में बढ़ते रहें,
तो वही दिन सबसे अच्छा बन जाता है।

सुप्रभात।
आज थोड़ा कम सोचिए,
थोड़ा ज्यादा जी लीजिए।

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अगर एक लड़का कहे कि "मैं हर रोज़ झूठ बोलता हूँ", तो क्या आज उसने सच बोला या झूठ?

फ्रेंड्स, इसका आंसर कमेंट में दीजिए।

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तुम मुझसे रूठी हो,
पर मेरी खामोशी में भी तुम्हारा नाम है।
हर पल तुम्हारी हँसी की आवाज़ मेरी सांसों में गूंजती है,
और हर खामोश लम्हा तुम्हारी याद से भर जाता है।

मैं जानता हूँ, मेरी बातों में कभी-कभी तूफ़ान आ जाते हैं,
पर मेरे दिल के कोने में सिर्फ़ तुम्हारी जगह है।
तुम्हारे बिना हर रंग फीका लगता है,
और हर गीत अधूरा सा लगता है।

अगर मैं कहूँ कि तुम्हारे बिना दुनिया बेरंग है,
तो क्या तुम मुझे माफ़ कर दोगी?
अगर मैं हाथ बढ़ाऊँ और कहूँ,
“चलो फिर से हँसें, साथ में,”
क्या तुम उस पल को फिर से मेरे साथ जीओगी?

मैं वादा करता हूँ,
ना कोई बड़ी बात होगी, ना कोई झगड़ा याद रहेगा।
सिर्फ़ तुम और मैं,
और वो नन्ही-सी मुस्कान जो तुम्हारे होंठों पर लौट आए।

तो क्या तुम मेरी दुनिया में फिर से लौटोगी,
और मेरे हर एक दिन को रोशनी से भर दोगी?

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नाम: खामोशी में तेरी

तुम पास हो, फिर भी दूर हो,
हर नजर मिलती है, पर हाथ नहीं मिलता।
कदम तेरे मेरे पास आते हैं,
पर राहें अचानक किसी अजनबी की तरह मोड़ लेती हैं।

तुम हंसते हो, और मेरी धड़कनें बढ़ जाती हैं,
शब्दों में कहीं दबा सा,
कोई सवाल उठता है—
क्यों हमारी बातें अधूरी रह जाती हैं?

हवा में तेरी खुशबू आती है,
और मैं खुद को रोकता हूँ,
ना छू लूँ, ना बोल दूँ,
पर दिल की ख्वाहिश, हर पल बढ़ती है।

तेरी आँखों में जो झलक है,
वो कहती है—“आओ।”
और आवाज़ मेरी,
सिर्फ़ खामोशी में फँस जाती है।

हर रात यही सोचता हूँ,
क्या मैं सही समय पर पहुँचूँगा?
या हमेशा इस खामोशी में,
तेरे करीब रहकर दूर ही रह जाऊँगा?

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जब सब छोड़ देने का मन करे 😔
जब लगे कि मेहनत का कोई मतलब नहीं
जब रास्ता लंबा हो और नतीजा दिखे ही नहीं 🚶‍♂️
तभी समर्पण की असली परीक्षा होती है।

समर्पण का मतलब रुक जाना नहीं ❌
समर्पण मतलब — डटे रहना 🧱
बिना शोर किए, बिना शिकायत किए।


जो लोग इतिहास बनाते हैं 📖🔥
वो हर रोज़ जीतते नहीं
लेकिन हर रोज़ खुद को काम के हवाले कर देते हैं।

उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि आज ताली मिली या नहीं 👏
क्योंकि वो जानते हैं —
जो बीज आज मिट्टी में गुम है 🌱
वही कल पेड़ बनेगा 🌳


समर्पण वो ताकत है 💥
जो तुम्हें थकने नहीं देती
भले ही शरीर थक जाए।

ये वो आग है 🔥
जो शोर नहीं करती
लेकिन बुझती भी नहीं।


आज अगर कोई नहीं देख रहा 👀
तो भी ईमानदारी से मेहनत करो
आज अगर रास्ता सुनसान है 🌑
तो भी चलते रहो।

क्योंकि
समर्पण भीड़ के लिए नहीं होता
समर्पण उस दिन के लिए होता है
जब तुम्हारा वक्त बोलेगा 🕰️✨


याद रख दोस्त 💪
जो खुद को अपने लक्ष्य के हवाले कर देता है
उसे कोई हरा नहीं सकता।

समर्पण करो —
डर से नहीं,
अपने सपने से। 🚀🔥

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Happy Republic Day...🙏💐💐🌺🌺💐

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