"ऐसा ही कुछ है रिश्ता तेरा मेरा जैसा..
आसमां का जमीन से,मेघ का सहारा से..
ख्वाबों का हकीकत से, या नदी के दो किनारो सा..,
या फिर सांझ सा जो मिलाता है ,
सुबह से रात को..,
ये रिश्ते जो हमेशा साथ रहते हैं पर कभी मिल नहीं पाते एक दूसरे से लेकिन ..
एक दूसरे के बिना अधूरे, अस्तित्वहीन है,
हां.. शायद ऐसा ही कुछ रिश्ता है तेरा मेरा..
- Soni shakya