माँ के आँचल में जन्नत की छाया मिलती है,
उसकी ममता में हर पीड़ा सिमट जाती है।
भूखी रहकर भी जो हमें खिलाती है,
वही माँ हर हाल में मुस्कुराती है।
उसकी दुआओं से राहें आसान बनती हैं,
अंधेरे में भी उम्मीद की किरण जगती है।
माँ का प्रेम किसी शर्त का मोहताज नहीं,
वह तो ईश्वर से भी पहले याद आती है।
हर साँस में उसका त्याग बसता है,
माँ ही सच्ची भक्ति, माँ ही मेरी शक्ति है।