🌹 मैं ऊब गई हूँ
> हाल-फिलहाल मैं ऊब सी गई हूँ,
न जाने अब क्या करूँ मैं।
करने को कुछ नहीं बचा,
सोचने को भी कुछ नहीं रहा।
थक गई हूँ... बस थक गई हूँ,
खाली बैठना अब मेरी आदत बन गया है।
इस ख़ालीपन में कहीं मैं खो सी गई हूँ,
मैं ऊब गई हूँ... हाँ, मैं ऊब गई हूँ।
करती हूँ मैं सौ-सौ काम,
पर फिर भी अकेली हूँ।
थकान अब थकान नहीं लगती,
जैसे मैं खुद में कहीं... गुम सी गई हूँ।