✨ तीसरा दिन: माँ चंद्रघंटा का संदेश ✨
तीसरे दिन का होता आरंभ विशेष,
माँ चंद्रघंटा करतीं भय का नाश सटीक।
शांति, साहस और करुणा का रूप,
जग में फैलाएँ प्रेम का स्वरूप।
सिंह पर आरूढ़, घंटा की गूँज,
असुरों का नाश कर, करतीं सदा पूज।
भक्तों के जीवन में लाएँ सुकून,
उनके चरणों में मिलता है पूर्ण।
चलो अपनाएँ धैर्य और करुणा,
त्यागें मन से क्रोध और दु:ख-तना।
माँ चंद्रघंटा का सदा स्मरण,
लाता जीवन में सुख-सुरभि अमरन। ✨