🌸 तितली 🌸
रंग-बिरंगी पंख पसारे,
फूलों पे जब बैठती प्यारे।
धीरे-धीरे उड़ती जाती,
हवा में खुशबू घोलती जाती।
छोटी-सी परियों का सपना,
जैसे हो आकाश का अपना।
फूलों से बातें, रंगों का मेल,
जीवन को देती है सुगंध और खेल।
क्षण भर की है उसकी कहानी,
पर छोड़ जाती रंगों की निशानी।
सिखा जाती मुस्कुराना यूँ ही,
जैसे हो जीवन बस इक पल का ही।
Writer -
Dharmendra Kumar