ग़ज़ल — "इश्क़ तसवीर में था, हक़ीक़त में नहीं"
हमने जिसे चाहा, वो बेशक्ल निकला,
ना सोच में था, ना कोई फ़िक्र निकला।
हुस्न की कमी नहीं थी हममें जनाब,
पर तुम्हारा दिल तो बस शक्लों का प्यासा निकला।
सोचा था मिलेगा कोई, जो इज़्ज़त को जानेगा,
पर तुम तो हर लड़की पे सवाल उठाने वाला निकला।
हमने तो बस एक जाँच की थी, उम्र भर साथ की खातिर,
तुम्हारा इश्क़ तो बस इंस्टा की तस्वीरों में निकला।
चेहरे से मोहब्बत, दिल से नहीं की तुमने,
आज साबित कर दिया — तुम काबिल न थे हमारी वफ़ा के।
kajal Thakur 😊