सुप्रभात कह देना आसान है,
पर एक लड़की की सुबह भी तो इम्तिहान है।
हर मुस्कान के पीछे हजारों सोच होती हैं,
हर "ठीक हूँ" में अनकही ख्वाहिशें रोती हैं।
हमें देखकर मत सोचो कि सब सहज है,
"जो तुम चाहो, हम वैसा कर दें" — ये कहाँ सहज है?
हर फैसले में खुद से लड़ना पड़ता है,
एक लड़की होना — रोज़ खुद को साबित करना पड़ता है।
इसलिए आज सुबह खुद को सलाम करती हूँ,
हर टूटी उम्मीद के बाद भी — फिर से मुस्कुराना सीखती हूँ।
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kajal Thakur 😊