"मैं लफ्ज़ों की बारिश, कहानी की हवा हूँ,
हर जज़्बात में छुपी कोई दबी दास्ताँ हूँ।
शायरी में लिखती हूँ जो दिल की सदा है,
वो मेरी कहानी का ही इक रुख़नुमा है।
कभी इश्क़ की रूह, कभी दर्द की चाल हूँ,
मैं हर अल्फ़ाज़ में जीती एक सवाल हूँ।
ना बस कहानी, ना बस शायरी बनी हूँ,
मैं खुद अपनी कलम से ही कही गई धुन बनी हूँ।
कोई पढ़ ले तो समझे, कोई महसूस कर ले,
मैं वो शायर हूँ जो अपनी रूह से कहानी भर दे।"
kajal Thakur 😊