हर दर्द के पीछे एक सबक छुपा होता है
हर दर्द के पीछे छुपा एक सबक,
सिखाता है हमें जीने का हुनर।
गिरने के बाद उठने की चाह,
यही तो है हौसले का असर।
आंसुओं में बहते हैं ख्वाब,
पर वही ख्वाब फिर निखरते हैं।
जो राहें अंधेरी लगती थीं कभी,
अब रोशनी में बदलते हैं।
हर ठोकर में है एक सीख छुपी,
हर ग़म में है उम्मीद की बात।
संघर्ष से जो निकले हैं निखरकर,
वही रचते हैं अपने किस्से खास।
तो दर्द को मत समझो बेकार,
ये तुम्हें बनाएगा मजबूत बार-बार।
हर हार में छुपी है जीत की शुरुआत,
बस इसे समझने की है दरकार।