"🪁"सभी को मकरसंक्रांती की हार्दिक शुभकामनाएं !
आज मैं आपसे ये नहीं कहूगी कि "पतंग मत उड़ाओ, ये पशु-पक्षियों और इंसानों को भी नुकसान पहुंचाती है" क्योंकि ये तो आप जानते ही हैं। And to be honest I truly believe on "karma hits back"!!!
Anyways.....
जब मकर संक्रांति आती है तो आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। And I suddenly wonder that क्या जीवन एक पतंगे के समान नहीं है?
पतंग की ऊंचाई और गति तीन चीजों पर निर्भर करती है- धागा, हवा और दूसरी पतंग। जिंदगी भी ऐसी ही है!?
धागा हमारा अधिकार है- हमारे निर्णय, मूल्य और लक्ष्य। But like a kite we are not entirely free
हवा यानी परिस्थितियाँ और भाग्य, जो हमारे उतार-चढ़ाव तय करते हैं। कभी-कभी यह ऊपर की ओर ले जाता है, कभी-कभी यह शांत हो जाता है। लेकिन इस अनिश्चितता में ही पतंग उड़ाने का आनंद छिपा है।
और फिर अन्य पतंगे आते हैं - जिनसे हम अपने जीवन में मिलते हैं।
In the end, life isn't about how long we stay in the sky but how well we enjoy the journey....✨कामनाएँ!"🪁