कितने जज्बात छुपाए रखे हैं मैंने अपने सीने में
बंया कर दु अगर तो कितने ही चेहरों से नकाब गिर जाएंगे
सच्च ही कहा है किसी ने,
बिना मतलब कि यहां कोई रिश्ता नहीं होता
हर एक रिश्तो में अपना स्वार्थ छुपा है
अगर तुम निस्वार्थ रिश्तो को संभाल रहे हो
तो याद रखना चोट दिल पर गहरी लगेगी
और यह चोट इतनी गहरी होगी कि
ना तो किसी को बता पाओगे ना ही जता पाओगे
दिल के घाव इतने गहरे के ना तो वह भर पाएंगे और
हर वक्त वो दर्द देते जाएंगे
फिर भी झूठी मुस्कुराहट के साथ वह रिश्तो को निभाते जाना है