तुम संग मोहब्बतें... बेशक
कामयाब ना हो सकीं...
मगर फिर भी !
तुमने मुझे सिखाए इंतज़ार....
जैसे करती हैं पत्तियाँ...
इंतज़ार फूलों के आने का
वो सूख चुके किनारे...
लहरों के वापिस लौटने का
रातभर सिर पर सजाए...
वो दूब की कलियाँ
ओस के बर्फ़ हो जाने का...
कैसे जीते चले जाते हैं
हम भी ये ज़िंदगी !!
तुम बिन... धीरे-धीरे...
मौत के इंतज़ार में....💔💔😥