कुछ बिते लम्बे....
कुछ बिते हुए लम्हे
इतने खूबसूरत होते हैँ के हम उन्हें भूलना नहीं चाहते
वो हमेशा कहते थे मुझसे
मैं तुम्हे कभी दूर नहीं करूँगा
कभी अपने दोस्तों से लड़ लेना, तो कभी मेरा एक ना सुनना
तो कभी मुझपर गुस्सा होना, क्यों बात किया उससे??? ये सवाल अक्सर पूछते थे
posessive थे, पर कभी अपना हाले दिल बयान ना कर सके
याद हैँ मुझे उनका वो दिन जब उन्होंने कहा था
बेशक तुम शादी करो
पर मैं तुम्हारी शादी मे नहीं आऊंगा
पर जब तुम्हे मेरी ज़रूरत होंगी, पहले मुझे पाउगी
वो उनका प्यार से गले लगाते हुए कहना खुश रहना
पता नहीं क्यू तेरे जाने से दिल दुख रहा हैँ
बड़े प्यार से उनका मेरा हाथ थामते हुए कहना
मत जाओ, के ये दिल दुख रहा हैँ
किस बहाने से तुझे रोक लूं
काश......
ये वक़्त यही रुक जाता
वो उनके आँखों के आँसू,वो उनका धीरे धीरे हाथो को अलग करते हुए
अलविदा कहना
उफ़......
इतनी मोहब्बत, और बयान करने मे देर
कभी कभी ये सोच अकसर मेरे आँखों से आंसू छलक जाते हैँ
मैं अक्सर तनहाइयो मे सोच कर वो पल फिर से जी लेती हूँ
के अक्सर वो बिते हुए पल याद कर के मुस्कुरा लेती हूँ