क्या इस कानून से विभिन्न धर्मों के वैवाहिक रीति-रिवाजों पर असर पड़ेगा?
नहीं, समान नागरिक सहिंता से किसी भी धर्म, मजहब, पंत, संप्रदाय और मत के अपने-अपने रीति-रिवाजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वास्तव में नागरिक सहिंता के विरोध में इसी एक बिंदु को बढ़चढ़कर पेश किया जाता है। जबकि सच्च्चाई यह है कि देश के सभी धर्मों और उनके संस्कृति और रीति-रिवाजों पर समान सहिंता का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जैसे मुसलमान ‘निकाह’, सिखों में ‘आनंद कारज’, हिन्दुओं में अग्नि के समक्ष फेरे और ईसाईयों में ‘Holy Matrimony’ इत्यादि वैवाहिक रीति-रिवाज सभी धर्मों की अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार ही होंगे।
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