जब लगे जीना मुश्किल सा है
जब लगे कुछ कहना मुश्किल सा है
तकिये से मुँह को दबाना तुम
फिर ज़ोर से चिल्लाना तुम
सीने से बोझ उतर जायेगा
हर दर्द उस चीख़ में दब जायेगा
जब लगे कि बहुत ज़रूरत है
लग कर गले रोने की
ख़ुद को ही गले लगाना तुम
किसी के साथ को जब तुम तड़पोगे
ना मिलने पर उसके ख़ुद से ही झड़पोगे
करना मोहब्बत तब ख़ुद से तुम
और कहना सब कुछ ख़ुद से तुम
जब नज़र तुम्हारी बहकेगी
तब सबमें अपना तुम ढूंढोगे
शीशे से नज़र मिलाना तुम
ख़ुद को ख़ुद का बतलाना तुम
दिल से बेज़ार ना हो जाना तुम
जिससे भी मिलो मोहब्बत करते जाना तुम
बदले में तुम्हें भी प्यार मिले
उसका जीवनभर साथ मिले
ऐसे ना भरम में समय गवाना तुम
थाम हाँथ ख़ुद का आगे कदम बढ़ाना तुम
इक दिन सबको ही जाना है
रुकने की कसम ना दिलाना तुम
पीछे से आवाज़ लगाकर फिर
उसको ना पास बुलाना तुम
ख़ुद से ख़ुद का रिश्ता जोड़ो
इस रिश्ते को ही जीते जाना तुम
जो लगे बोझ है अब साँसों का तुमपर
श्री चरणों में इनकी भेंट चढ़ाना तुम
बिन बोले उनसे सब कह जाना तुम
अँसुअन की भाषा सुन लेंगे
तुमको तुमसे ही हर लेंगे
फिर तुम भी भव से तर जाओगे
फिर उनके ही होकर रह जाओगे
उनमें ही रमते जाना तुम
उनके हो सबको बताना तुम
जो उनका है वो जानेगा
सबके ठुकराये हो ये पहचानेगा
इस पहचान से ना शर्माना तुम
झुक कर शीश नवाना तुम
वो तुमको गले लगाएंगे
तुमको तुमसे ही हर ले जायेंगे
फिर तुम भी भव से तर जाओगे
फिर उनके ही होकर रह जाओगे.........
महादेव 🙏🏼