कबीर दास जी के दोहे
जाति न पूछो साधु की ,पूछ लीजिए ज्ञान।
मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।।
साहेब बंदगी 🙏
भावार्थ - ज्ञान का महत्व धर्म से कहीं ज्यादा ऊपर हैं, इसीलिए किसी भी सज्जन व्यक्ति के धर्म को किनारे रखकर उसके ज्ञान को महत्व देना चाहिए। साहेब कबीरदास जी ने इसे एक उदाहरण देते हुऐ समझाया हैं कि, जिस प्रकार मुसीबत में तलवार काम आता हैं न कि उसको ढलने वाला म्यान , इसी प्रकार किसी भी विकट परिस्थितियों सज्जन का ज्ञान काम आता हैं , न की उसकी जाति व धर्म काम आता हैं।