कबीर दास के दोहे
बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर ।
पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर।।
व्याख्या - कबीर दास जी कहते हैं की खजूर का पेड़ बेशक बहुत बड़ा होता हैं लेकिन वो न तो किसी को छाया देता और फल भी बहुत दूर ऊंचाई पर लगता हैं। इसी तरह अगर आप किसी का भला नहीं कर पा रहे हों तो इसे बड़े होने का कोई मतलब नहीं आपके जीवन लिए बड़ा होना व्यर्थ हैं अगर आप किसी का भला नही कर पा रहे हैं।
साहेब बंदगी 🙏🙏