पर्वत पर राह बनाने में।
मिट्टी से फसल उगाने में।
रूठे को मनाने में।
अपनो से बिछड़ जाने में।
वक्त तो लगता है। ............
खुद से बातें करने में।
खुदी को उम्दा सुनने में।
जाड़े का स्वेटर बुनने में।
बातों को भी गढ़ने में।
वक्त तो लगता है। .............
मीलों पैदल चलने में।
संघर्षों से गुजरने में।
धूप छांव को सहने में
वक्त तो लगता है।........