Love, प्यार , इश्क , मोहब्बत , प्रेम इस दुनिया मे सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाले शब्द हैं मगर वास्तविकता में यह कहीं नही है | सब बाहरी रूप रंग चमड़ी (शारीरिक आकर्षण ) का खेल है | लोग सुन्दर भरे -पूरे शरीर से ही प्रेम क्यों करते है ? किसी जीर्णशीर्ण काया से किया है क्या ? कभी असुन्दर (दिखने मे भद्दी) को प्रेमाधार बनाया है क्या ? कितना भी आत्मीय क्यों न हो प्राण निकलते ही शरीर दुर्गन्ध मे परिवर्तित होने लगता है , एकपल जुदा न होने की कसम खाने वाले एक घण्टा भी उसे अपने पास नही रख पाते | फिर वही प्रेमीजन उस शरीर को दफना ,जला देते है |
यही है संसार मे प्रेम की वास्तविकता |