Quotes by Rajeev Namdeo Rana lidhori in Bitesapp read free

Rajeev Namdeo Rana lidhori

Rajeev Namdeo Rana lidhori

@rajeevnamdeoranalidhori247627


#उपलब्धि

#उम्मीदों_के_शिखर_पर ' (काव्य संग्रह)

भारत की 27भाषाओं के अनुवादित कविताएं कवि- डॉ बनवारीलाल अग्रवाल 'स्नेही' #हैदराबाद
मूल्य -875रु.(15 $)पेज-415 सन् -2026
बोधि प्रकाशन जयपुर
में मेरे द्वारा 10 कविताओं का #बुंदेली में अनुवाद किया गया है।
इस प्रकार का नया प्रयोग साहित्य में पहली बार हुआ है। आज मुझे निःशुल्क लेखकीय प्रति प्राप्त हुई है पढ़कर गौरवान्वित हुआ कि हमारी बुंदेली इन 27 भाषाओं के साथ एक साथ एक ही पुस्तक में सुशोभित हो रही है।
#जय_बुंदेली #जय_बुन्देलखण्ड
आभार कवि श्री स्नेही जी एवं बोधि प्रकाशन जयपुर
***

✍️ #राजीव_नामदेव '#राना_लिधौरी '
संपादक '#आकांक्षा ' पत्रिका
संपादक-'#अनुश्रुति 'त्रैमासिक बुंदेली ई पत्रिका
जिलाध्यक्ष म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (मप्र)-472001
मोबाइल- 9893520965
Email - ranalidhori@gmail.com
Blog - rajeevranalidhori. blogspot. com

Read More

#बुन्देली_दोहा_प्रतियोगिता --269*(निःशुल्क*)*
##दिनांक -23-05-2026
  *बिषय- #अवढ़ाय /अवढ़ारे (अपने आप)
दोहा मेरे व्हाट्स ऐप नंबर-९८९३५२०९६५ (9893520965) पर या मेसेंजर पर शुक्रवार रात 8 बजे से शनिवार सुबह ११ बजे तक भेजिए
सर्वाधिक अंक लाने वाले तीन विजेताओं के आकर्षक ई सम्मान पत्र प्रदान किया जाएगा।
संयोजक/एडमिन- #राजीव_नामदेव '#राना_लिधौरी ', टीकमगढ़
आयोजक- #जय_बुंदेली_साहित्य_समूह_टीकमगढ़
#Jai_Bundeli_sahitya_samoh_Tikamgarh
#Rajeev_Namdeo #followersRana_lidhorI #Tikamgarh
मोबाइल नंबर-9893520965
@followers @highlight
@ranalidhori @rajeevnamdeo

Read More

भगवान श्री राम जी की असीम कृपा से आज मुझे एक और सम्मान पत्र प्रदान किया गया है तथा अतिथि वक्ता के रूप में आभारी पटल पर संगोष्ठी में आमंत्रित किया गया है।

*सभी सम्माननीय सदस्यों को सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि "श्री राम और सामाजिक समरसता"विषय पर ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 13/5/26 और 14/5/26 को किया जा रहा है।

प्रस्तावित नामों के अनुसार क्रमशः वक्ता उक्त विषय पर निर्धारित पांच मिनट में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। दो दिवसीय ऑनलाइन संगोष्ठी का समय सांय 7: 30 रहेगा।

प्रथम दिवस 13/5/26 वक्ता रहेंगे -

1 -डॉ राजेश तिवारी मक्खन झांसी, उ प्र

2- दीप्ति गुर्जर

3-डॉ शिव प्रताप सिंह भदौरिया म प्र

4डॉ करु लाल जामदा

5-दीपल सिंह भदौरिया म प्र

6- दिलीप कर्पे म प्र

7- राजीव नामदेव राना लिधौरी टीकमगढ

8-डॉ सरोज गुप्ता, कोंच, उप्र

आभार

Read More

बुंदेली दोहा प्रतियोगिता -268
दोहा दिवस दिनांक-16.5.2026
प्रदत्त शब्द #अनयाव (अन्याय)
प्राप्त प्रविष्ठियां:-

1
मचा हुआ अन्याव है,अब तो चारों ओर।
कोई कुछ नइं कर रहा,मचा रहे बस शोर।।
*
- वीरेन्द्र चंसौरिया टीकमगढ़
2
हड़प रहे जांगा जमीं,करबैं निसदिन घात।
अनयाव राजई करें,कितै जोरबैं हात।।
*
-प्रदीप खरे 'मंजुल',टीकमगढ़
3
गय अतीक अनयाव कर , मर गय दुबें विकास ।
किलन चेंपला मूँत रय,देखो होगइँ नाश।।
*
-प्रमोद मिश्रा बल्देवगढ़
4
बड़े बड़े न्यालय बने, सिस्टम बड़ौ बनाव।
न्याव मिलो ना वक़्त पै, जौइ बड़ौ अनयाव।।
*
-अरविन्द श्रीवास्तव,भोपाल
5
छल अनीत अनयाव जे, औगुन के सब नाम।
कीरत माटी में मिलत, बुरै देत अंजाम ।।
*
-विद्या चौहान, फरीदाबाद
6
करौ काउ के संग में, जीनें भी अन्याव।
विपदा भोगी ओइ नें, करनी कौ फल पाव।।
*
- अंजनी कुमार चतुर्वेदी निबाड़ी
7
जब-जब असुरन नें करो, धरती पै अनयाव।
विविध रूप धर विस्नु नें,उनकौ मान घटाव।।
*
-गोकुल प्रसाद यादव, नन्हींटेहरी
8
सहो बिभीसन भाइ को, जब खूबइ अनयाव।
सरन गही सिरि राम की, कुल को नास कराव।।
*
-तरुणा खरे'तनु' जबलपुर
9
जीत रई नित न्याय की , हारत रय अनयाव।
सौ भाई सोए समर, कौरव के कुनयाव।।
*
-आचार्य रामलाल द्विवेदी प्राणेश,चित्रकूट
10
कभउॅ॑ किसी के स॑ग मे॑,करियौ नै अन्याव।
साजौ कोई ना बनै॑,बुरव न रखियौ ख्वाब ।।
*
-शोभारामदाॅ॑गी"इ॑दु,न॑दनवारा
11
जब तक जा धरती रहो,करियो मत अन्याव।
मूरत भूले सें कभी,बुरो न होय तुमाव।।
*
-मूरत सिंह यादव दतिया
12
मार -मार भाँनेज सब, कंश करौ अन्याव।
किशन जन्म लै जेल में ,मम्में मार गिराव।।
*
-एस आर 'सरल',टीकमगढ़
13
रचो चक्रव्यू द्रोण ने, भओ बड़ो अनयाव।
अभिमन्यू से शूर खों,जुर मिल मार गिराव।।
*
-आशा रिछारिया,निवाड़ी
14
राजा होके जो करत,जनता पै अनयाव।
रैयत ऊँकी जान लो, देत न ऊखों भाव।।
*
-सुभाष सिंघई, जतारा
© संयोजक राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
आयोजक जय बुंदेली साहित्य समूह टीकमगढ़

Read More

बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-266
दिनांक-2.5.26-प्रदत्त शब्द-नरौ (परसौ)
संयोजक-राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
आयोजक जय बुंदेली साहित्य समूह टीकमगढ़

प्राप्त प्रविष्ठियां-
1
जीवन सबरौ कड गऔ,परो नरों में आज।
राम भजन ना कर सके,आरइ है अब लाज।।
-रामानंद पाठक'नंद' नैगुवां
2
नरौं बरे लंका सुनो,लुअर देय लंगूर ।
त्रिजटा ने सपनो कहौ,पूरौ हुयै जरूर।।
-प्रमोद मिश्रा बल्देवगढ़
3
दै खालें रुपया नरों,रोज-रोज टरकात।
भग जातइ घर छोड़ कें,जब हम माँगन जात।।
-अंजनी कुमार चतुर्वेदी निबाड़ी
4
काल कभउँ नइँ आत है,करत नरौ की बात।
भ्यानें देखे ‌भुन्सरा,कीखों ‌है सौगात।।
-सुभाष सिंघई ,जतारा

5 (तृतीय स्थान प्राप्त दोहा)
परों नरों के फेर में,ना परियो जजमान।
आज करै जो काम सब,बन जैहै भगवान।।
-अमिताभ गोस्वामी,भोपाल
6
नरौ दिवाई दोज है,दिया मगा लो आज।
तैयारी ऐसी करौ,समर जाय सब काज।।
-सियाराम अहिरवार,टीकमगढ़
7
भलौ करौगे आज तो,काल खिलेगो फूल।
परसौं तो खुशियाँ मिलें,नरसौ रहै न शूल।।
-प्रो शरद नारायण खरे,मंडला
8
जीवन के हैं चार पन,नरौ तलक की देह।
मोह करे कछु हो नहीं,लगा प्रभू सैं नेह।।
-प्रदीप खरे 'मंजुल' टीकमगढ़
9
भूलत नइयां ऐ सखी, नरौं रात की बात।
सपनन आये श्याम जू,हँस हँस पकरें हात।।
-आशा रिछारिया(निवाड़ी)
10
जानें हैं कल देखबे,मोखों अपने हार।
परसों कौ कछु नइं पतौ,नरौं तलैया पार।।
- वीरेन्द्र चंसौरिया टीकमगढ़
11
लगे मनाबे राम जू, लगो नरौ से ध्यान।
विनय न मानी मूढ़ ने, तब तानो तो बान।।
-विशाल कड़ा मांझी,बडोराघाट

12 (प्रथम स्थान प्राप्त दोहा)
जो होंनें हो कें रनें, करौ न झूटी आस।
परौं नरौं की का खबर,पल कौ ना बिस्वास।।
-डॉ.देवदत्त द्विवेदी,बड़ामलहरा

13
परों नरौं जो करत नर,मन नइ लगवे काम ।
काज विगारत खुदइ को,उनकी सडवे चाम।।
*-डॉ.आर.बी पटेल,छतरपुर
14
जाव न घूमन हो जितै,जीवन नै महफूज।
परौं-नरौं ही डूब गव,बरगी में इक क्रूज।।
-अमर सिंह राय, नौगांव

15 (द्वितीय स्थान प्राप्त दोहा)
परौं नरौं तुम जिन करौ, कर डारौ ततकाल।
औसर चूकैं कब भलो,होत हाल बेहाल।।
* -श्यामराव धर्मपुरीकर,गंजबासौदा

16
आज मरे कल दूसरो,परों तीसरो होय।
नरों होय चौथो दिनाँ, फिर नइँ पूँछै कोय।।
*-तरुणा खरे'तनु',जबलपुर में
17
नरो करम से जानियत, जाति कहे का होय
भलो कर सो भलो कऔ,बुरो करै सो खोय।
* -भावना शर्मा,सागर
© संयोजक- राजीव नामदेव 'राना लिधौरी

Read More

खूबसूरत राजघाट बांध चंदेरी

epost thumb

राना लिधौरी'के हाइकु

1

चिंता छोड़िए,
जीवन में आनंद।
सदा मिलेगा।।

2

कर्म अच्छे हो,
जीवन में आनंद।
दे परमात्मा।।

3

हरेक क्षण
जीवन में आनंद।
मज़ा लीजिए।।

4

मदद करें
जीवन में आनंद।
भीतर मिले।।

5

ये तितलियां
पाती है आनंद।
पी मकरंद।।   
***
✍️ राजीव नामदेव"राना लिधौरी"         
  संपादक "आकांक्षा" पत्रिका
संपादक-'अनुश्रुति'त्रैमासिक बुंदेली ई पत्रिका जिलाध्यक्ष म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (मप्र)-472001
मोबाइल- 9893520965Email - ranalidhori@gmail.com

Read More

बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-263 परिणाम

शनिवार, दिनांक - 11/04/2026

*प्रदत्त शब्द- कंठी (तुलसी माला)*

*संयोजक राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'*

आयोजक जय बुंदेली साहित्य समूह टीकमगढ़

*प्राप्त प्रविष्ठियां:-*
*1*
बाबा कंठी डार कैं, रचें भौत छल छंद।
संत बेष धारन करें, बिदयँ सत्तरा दंद।।
***
एस आर सरल,टीकमगढ़
*2*
पैरौ कंठी कंठ में, जेई पार लगात।
तुलसी माला जपत जो, भवसागर तर जात।।
***
-डॉ रेणु श्रीवास्तव,भोपाल
*3*
मीरा नै जेवर तजे, तजो राजपरिवार।
कंठी धर खैं हाथ मै, जोगन हो गइ यार।।
***
--तरुणा खरे'तनु' जबलपुर

*4*
गुरिया गुरिया गूँथ कैं, कंठी बन गइ एक।
जोरौ सब खाँ सूत नें, काज करौ जौ नेक।।
***
-विद्या चौहान ,फरीदाबाद

*5*
कंठी तुलसी की बनी,दूनौ फल भी देत।
जो बैठे हरि नाम खौ‌ , सुमर- सुमेर कैं लेत।।
***
-सुभाष सिंघई , जतारा
*6*
जो पैरै कनठी गले,मन पावन हो जाय।
ऐसे मानुष के लिगां, कौनउँ दोष न आय।।
***
- वीरेन्द्र चंसौरिया टीकमगढ़
*7*
कंठी माला डार कें, कर रय खोटे काम।
ऐसे दुष्टन कौ भलौ, कैसें करबें राम।।
***
- अंजनी कुमार चतुर्वेदी निबाड़ी
*8*
पैरें कंठी कंठ में,माथें तिलक लगायँ।
कथा सत्तनारांन की, हमें पुरेत सुनायँ।।
***
- प्रभुदयाल श्रीवास्तव पीयूष टीकमगढ़
*9*
कंठी तिलक जनेउ हो, सत्य सनातन वेश।
संध्या वंदन सिर शिखा,हिरदे में अवधेश। ।
***
-आशा रिछारिया (निवाड़ी)

*10* (द्वितीय स्थान प्राप्त दोहा)
कंठी माला का करै,हिरदय नैंया राम।
रसना जप ले प्रेम सें,दो अक्षर कौ नाम।।
***
-भगवान सिंह लोधी "अनुरागी",हटा
*11*
कंठी तुलसी पैर कै,लओ कमंडल हात।
घर-घर मांगै भीख सी,है ऊकी खै रात ।।
***
-शोभाराम दाँगी, नदनवारा

*12* (तृतीय स्थान प्राप्त दोहा)
कंठी धारें कंठ में, हिरदें धारें राम।
बिना मुकट धारें भरत,करत राज के काम।।
-**
-गोकुल प्रसाद यादव नन्हींटेहरी

*13*
कंठी मोतिन की सिया, दइ हनुमत बलधाम।
फोर फोर मोतीं तकें, इनमें काँ हैं राम।।
***
- डॉ देवदत्त द्विवेदी बड़ामलहरा
*14*
कंठी जो पैरें सदा, भजबै सीताराम।
यम के दूत सताँय नै, जाँय उनइँ के धाम। ।
***
-रामानन्द पाठक, नैगुवां
*15*
कंठी ड़ारें गरे में,तिलक लगायें भाल।
मांस खांय मदिरा पियें,जे पंड़न के हाल।।
***
- मूरत सिंह यादव दतिया

*16*( प्रथम स्थान प्राप्त दोहा)
कंठी फेरत गइ उमर, समज न पाए सार।
रसना रटवै राम खों, बेई करहें पार।।
***
-श्यामराव धर्मपुरीकर,गंजबासौदा

*17*
कंठी कान्हा के गले,सिर धारहिं जे पंख।
कम्मर बांधी बांसुरी,बजौ समर बिच शंख।।
***
-प्रदीप खरे 'मंजुल' टीकमगढ़

*©संयोजक राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'*
आयोजक जय बुंदेली साहित्य समूह टीकमगढ़

Read More

*#बुन्देली_दोहा_प्रतियोगिता --263*(निःशुल्क*)*
##दिनांक -11-04-2026
  *बिषय- *कंठी* (तुलसी माला)*
दोहा मेरे व्हाट्स ऐप नंबर-९८९३५२०९६५ (9893520965) पर या मेसेंजर पर शुक्रवार रात 8 बजे से शनिवार सुबह ११ बजे तक भेजिए
सर्वाधिक अंक लाने वाले तीन विजेताओं के आकर्षक ई सम्मान पत्र प्रदान किया जाएगा।
संयोजक/एडमिन- #राजीव_नामदेव '#राना_लिधौरी ', टीकमगढ़
आयोजक- #जय_बुंदेली_साहित्य_समूह_टीकमगढ़
#Jai_Bundeli_sahitya_samoh_Tikamgarh
#Rajeev_Namdeo #followersRana_lidhorI #Tikamgarh
मोबाइल नंबर-9893520965
@followers @highlight
@ranalidhori @rajeevnamdeo

Read More