वक्त लगता है खुद से खुद को बनाने में।
हिम्मत,साहस,दरियादिली,अब बहुत कम है इस जमाने में।
अब कहां इतनी जल्दी मुमकिन है कोई इतिहास रच देना।
आधी उम्र गुजर जाती है। परीक्षा परिणाम को ही आने में।
भगत की कहानी लिखना आसान है यहां।
लेकिन वो साहस हिम्मत और जज्बा अब कहां।
जो लगी थी भगत को भगत बनाने में।
-Anand Tripathi