रामायण भाग - 17
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सीता माता की खोज (दोहा - छंद)
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सावन भी अब आ कर गया, नैना बरसे रोज।
कहो लखन सुग्रीव से, करे सिया की खोज।।
सीता माँ की खोज में, कपि भेजे सब ओर।
खबर नहीं कुछ भी मिली , हुई रात से भोर।।
सागर तट पर आ गए , करते करते खोज।
संपाती से ले पता , मिटा ह्रदय का बोज।।
Uma vaishnav
मौलिक और स्वरचित