मैं और मेरी तन्हाई।
वक्त-बे-वक्त यु मेरे ख्यालो मे आया ना करो,
मेरी तन्हा जीन्दगीको यु महेकाया ना करो।
मेरी अंधेरी जीन्दगीको यु रोसनि से भरा ना करो।
तुम ख्वाब हो कोई हकिकत तो नहि,मेरे ख्यालोसे निकलकर तुम यु बाहर आया ना करो।
वक्त-बे-वक्त यु मेरे.........
तेरी मोजुदगीका ख्याल ही मेरी सांँशो को मेहका देती है,मेरे ख्यालो को तुम यु बहेकाया ना करो,
वक्त-बे-वक्त यु मेरे..........
तुम सपना बनके मेरी आंखो मे यु समाया ना करो,
कभी तो हकीकत बनके मेरी जीन्दगीमे आ जाया करो।
वक्त-बे-वक्त यु मेरे..........
दीवाना बनाकर मुझे,मेरे सपनो को यु सजाया ना करो।
वक्त-बे-वक्त यु मेरे..........
२९/५/२२