सुनो ! जा रही हूँ अपने शोर के साथ ,
तुम्हारी शान्ति और आनन्द से दूर |
नही आया मुझे निभाना अब तक ,
धोखा दिया है मैने संबधों को ,
धोखा दिया है मैने स्वंय को ,
जा रही हूँ करने कोशिश एक प्रायश्चित की ,
नही जानती की प्रायश्चित के साथ निभा पाऊँगी ,
या एक और धोखा होगा खुद से खुद को |