गजल
किसीकी चाहत मैं हम यू सवर गए हैं...
किसीकी चाहत मैं हम यू सवर गए हैं..
जैसे की हम तुजमे कहीं खो गए हैं
किसीकी चाहत मैं....(2)
तेरी आंखों की झीलमिलाती नजर...
तेरी आंखों की झीलमिलाती नजर...
जैसे की तेरी नज़र मैं हम बस गए है
किसीकी चाहत मैं....(2)
आएंगे तुझको मनाने हैं सनम...
आएंगे तुझको मनाने हैं सनम...
जैसे की तेरी गली से हम गुजर रहे हैं
किसीकी चाहत मैं....(2)
जब महेफिल सजेगी सनम...
जब महेफिल सजेगी सनम...
जैसे की हम तेरा इंतजार कर रहे हैं
किसीकी चाहत मैं....(2)
शायर "हर्ष"