#Kavyotsav -2
दिल की बात रहे न दिल में
दिल की बात बताते रहना
घुट-घुटकर न जीना जग में
अपना अहसास कराते रहना
जीवन जीना स्वच्छन्द विहग सा
निर्मल मन रख नील गगन सा
दिल के जज़्बात जताते रहना
अपना अहसास कराते रहना
गैरों के आगे व्यर्थ न झुकना
अपनों की खातिर कभी न रुकना
अपनों का साथ निभाते रहना
अपना अहसास कराते रहना
चंचल मन को वश में करके
कर्तव्यों को ध्यान में धर के
राहों में कदम बढ़ाते रहना
अपना अहसास कराते रहना
क्षण भंगुर है जीवन नश्वर
मोह पड़े न तनिक भी इसपर
नित सत्कर्म कमाते रहना
अपना अहसास कराते रहना
- चमनलाल भारद्वाज