चलो आज फिर हम जुदा हो रहे है
कितने जख्म है जिन्हे हम सिल रहे है।
आज फिर गले मिल कर हम जार- जार हो रहे है
आज फिर उनकी छुअन से हम आफताब हो रहे है।।
रूक जा जरा ठहर
ऐ वक्त दो पल जरा ।
हम उनके प्यार मे ताजमहल हो रहे है
आज फिर उनकी छुअन से हम आफताब हो रहे है।।
मीरा सिंह
#HugDay