🙏➖भगवत गीता अध्याय से ब्रह्मदत्त त्यागी ➖🙏
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भगवान
विष्णु-ब्रह्मदत्त
त्यागी हापुड़
अध्याय 2
गीता श्लोक23
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः॥
श्लोक का अर्थ
इस आत्मा को शस्त्र काट नहीं सकते और न अग्नि इसे
जला सकती है। जल इसे गीला नहीं कर सकता और
वायु इसे सुखा नहीं सकती।
प्रस्तुतकर्ता ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़