खुश्बू
संस्कार के बीज तो,
बचपन में ही दिख जाते है।
बड़े होने पर खुश्बू बनके,
पूरे जीवन को महकाते है।
उचित-अनुचित बातों को समझकर,
वो भले-बुरे का ज्ञान समझता है।
माता-पिता के दिये संस्कारों से,
नहीं कभी किसी का बुरा करता है।
किरन झा मिश्री
-किरन झा मिश्री