जिंदगी किसी के लिए नहीं रुकती
चलती हीं रहती है,
तुम साथ चलो तो मज़ा आ जाये
वरना सज़ा-ए-मोत आ जाये,
जानती हूँ कि तुम नहीं चलोगें मेरे साथ
क्युकी तुम्हें करनी है कहीं और मुलाकात,
फ़िर भी पूछकर दिल को बहलाती हूँ
तुम नहीं तो तुम्हारे अधूरे एहसास के साथ चलीं जाती हूँ।