मां काली
जय जय मां काली कालिके पाप हारिणी ।
जय जय मां अम्बे जग कल्याणी ।
जय जय मां काली जगदंबे भव तारिणी।
जय जय मां काली संकट हारिणी।
कोटि-कोटि प्रणाम मां ।
असुर निकंदनी भव भय हारिणी मां काली।
रक्त बीज विनाशिनी मधु कैटभ घातिनी।
श्मशान विहारिनी अट्टहासिनी मां काली।
श्मशान में तेरा पहरा रहता मां श्मशान काली।
दण्डवत प्रणाम मां ।
तू चाहे तो मुर्दों में प्राण फूंक दो मां।
प्राण दायिनी मां काली रक्ष रक्ष त्राहि-त्राहि
करते जग को आलोकित करो मां।
बढ़ते अन्याय और अत्याचार को खत्म करो मां।
जीवन दायिनी मां काली अभय दान दो मां।
मुंडमाला धारिणी महिषासुर मर्दिनी मां ।
दिगम्बरी आदि शक्ति उग्र चंडा रक्त दंता मां।
अस्त्र शस्त्र हस्त सुसज्जिता मां।
सुर पुजिता सुर वंदिता मां अष्ट भुजा धारिणी।
रक्षा काली भद्र काली कात्यायनी ।
लाल जवा फूलों के हार पहनाएं मां।
हाथों में लाल लाल चूड़ियां माथे सिन्दूर शोभे।
मस्तक मंगटीका चढ़ाएं मां और कानों में
कुंडल शोभे।
मां शोभे तेरा सोलह श्रृंगार ।
तेरी महिमा बड़ी अपरंपार।
तेरी जय हो मां तेरी जय हो मां।
तेरी होवे जय-जयकार मां।
तेरे गुण गावे संसार मां।
फल फूल और प्रसाद चढ़ाएं मां।
धूप दीप नैवेद्य अर्पित करें मां।
तेरे चरणों में शीश नवाएं मां।
रहें नतमस्तक तेरे चरणों में।
दिखे सारा संसार मां तेरे चरणों में।
रखो शरण में मां।
दो आशीष अपरंपार मां।
जग कल्याण करो मां।
रक्षा करो मां।
कृपा करो मां।
तेरे भंडारे लगाएं मां।
प्रसाद पाएं मां।
हवन-पूजन करें मां।
जागरण कराएं मां।
तेरे चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम मां काली।
अनिता दासी कहे शरणागति सपरिवार को
रखना मां ।
जीवन को सुखी करो मां।
जग में सुख शांति दो मां।
दण्डवत प्रणाम मां काली।
जय मां काली जय मां काली।