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🌹सुप्रभात🌹
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*त्रुटि रहित...*
*न मैं हूँ,न तुम हो,*
*दोनों मनुष्य हैं, भगवान*
*न मैं हूँ, न तुम हो।*
*परस्पर हम दोष देते हैं,*
*एक दूसरे को*....
*पर अपने अंदर झाँकता...*
*न मैं हूँ,न तुम हो।*
*भ्रम ने पैदां कर दी इंसानों में*
*दूरियाँ, पर सच में बुरा*
*न मैं हूँ, न तुम हो।*
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*आपका दिन मंगलमय हो।*
🙏🙏जय सियाराम जी🙏🙏