दर्द दिया है ,तो दर्द भी मिलेगा,
बेपनाह मोहब्बत कर, उसका साथ भी मिलेगा
टूटी हुई डाली पे नया पत्ता उगेगा
नया पैरहन दाल वो ज्यादा खिलेगा
जो रूठ गया है उसे हँसने के लिए नया लतीफा मिलेगा ,
हसरत पूरी कर अपनी ,आफताब में छुपा हुआ नगीना भी दिखेगा
उसकी यादों में अश्कों का सैलाब निकलेगा
कितने आँसू और अभी है जिंदगी में ये सोच दिल भी दुखेगा
खुद पर ना कर इतना सितमम , दर्द भी तेरा दर्द देख रोएगा
खुद को इतना बुलंद कर कि दुख तेरा हौसला देख खुशी में बदल जाएगा ।
Deepti