कल रात कुछ बेचैन से थे वो मेने हाथ थामकर पूछा क्या हुआ!?!
तो उसे कहा प्यार के नाम पर हरबार एक जूठा दिलासा मिला है...
रूह का नही हरकोई यहाँ जिस्म का प्यासा मिला है...
मेने फिर पूछा तुम यू पास आकर मुजे छोड़ तो नही दोगे ना?!?
उसने मुस्कुराके कहा तुम्हें में कैसे छोड़ दु पागल...
इस मतलबी दुनिया मे मुजे फिरकोई मेरी माँ सा मिला है...
-Heer Jani