Hindi Quote in Blog by Aachaarya Deepak Sikka

Blog quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

*जय मां शैलपुत्री*

*प्रत्येक भाव कुछ नहीं अपितु बहुत कुछ कहता है*

आज बात करते है द्वितीय भाव की।

द्वितीय भाव यानि घर—परिवार, वाणी, स्वाद, संचित धन, आपके संचित धन (सेविंग्स)और आपके घर—परिवार से संबंधित प्रत्येक बात द्वितीय भाव से संबंधित है। द्वितीय भाव ही बताता है कि आपके पास कितना संचित धन है, कितना धन आप संचित कर पाएंगे, आपके पारिवारिक रिश्ते जैसे हैं, आपका परिवार सुखी और संपन्न है या नहीं, आपका स्वाद कैसा है, खाने में आपको क्या स्वादिष्ट लगता है और आपकी वाणी कैसी है।

द्वितीय भाव को *मारक भाव* भी कहा जाता है क्योंकि ये भाव *तृतीय भाव से बारहवां* भाव है और प्रत्येक भाव से बारहवां भाव अपने *अगले भाव का क्षय करता है*। तृतीया भाव से भी हम आयु देखते हैं क्योंकि तृतीय भाव *अष्टम से अष्टम है* और अष्टम भाव आयु का है। तो *अष्टम से अष्टम* भाव यानी *तृतीय भाव* भी *आयु का* हुआ और *तृतीया से बारहवां* भाव यानी *द्वितीय भाव* आयु का क्षय यानी *मारक* भाव हुआ।

परंतु द्वितीय भाव और भी बहुत कुछ बताता है

जैसे कि आपके लग्न (प्रथम भाव) का लाभ एवं मल्टीप्लिकेशन है द्वितीय भाव, आपके छोटे भाई बहन और आपके पराक्रम, छोटे भाई बहन और आयु (३ भाव) का व्यय और क्षति है द्वितीय भाव, आपकी माता (४भाव) की आय और इच्छा पूर्ति है द्वितीय भाव, जानता द्वारा (४भाव) कमाया गया लाभ है द्वितीय भाव, आपके बच्चों (५ भाव) का कार्यक्षेत्र है द्वितीय भाव, आपके शत्रुओं, ऋण, और रोग (६ भाव) से मिलने वाला भाग्य या दुर्भाग्य है द्वितीय भाव, आपके जीवनसाथी (७ भाव) का ससुराल एवं गुप्त ज्ञान है द्वितीय भाव, आपके गुप्त ज्ञान एवं आकस्मिक लाभ (८ भाव) का हिस्सेदार है द्वितीय भाव, आपके पिता (९ भाव) के रोग, ऋण और शत्रु हैं द्वितीय भाव, आपके कर्मों (१० भाव) से प्राप्त संतान, प्रसिद्धि, पद, संचित कर्म एवं आपके कर्मों के प्रति लगाव है द्वितीय भाव, आपकी आय और लाभ (११ भाव) से प्राप्त सुख है द्वितीय भाव, आपके व्यय (१२ भाव) के द्वारा अर्जित बुद्धिमत्ता, पराक्रम और यात्राएं है द्वितीय भाव।

तो इसलिए द्वितीय भाव को केवल संचित धन ही ना समझें अपितु बहुत कुछ है ये द्वितीय भाव।

*ज्योतिषाचार्य डॉ दीपक सिक्का*
*8178337165*
*www.absolutezone.in*

Hindi Blog by Aachaarya Deepak Sikka : 111722911
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now