Hindi Quote in Poem by Suman Kumavat

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#मेरे पिता
आँख भी ना छलकने दी कभी
बुरी नजर ना जमाने की लगने दी कभी..।।

दुनियाँ की हर दौलत पास मेरे थी,
बेशुमार खुशियो से झोली भरी थी..
मेरी हिम्मत, ताकत, प्रेरेणा,
सब कुछ तो आप थे..।।

चेहरे पर सिर्फ मुकराहटे थी,
दुनियाभर की खुशियाँ कदमो में थी..
सिर पर जब आपका हाथ था..
आपके जाने से मानो रुठ के
सबकुछ चला गया..।।

पर भीतर भीतर रह गया बहुत कुछ,
किसी ना किसी रूप में..
जाते जाते भी हर रिश्ते को,
बखुबी निभा गये..।।

हमको भी तो यही सीखा गये..
सत्य, ईमानदारी, त्याग, समर्पण,
दया, प्रेम के कठिन पथ पर चलकर..
हमको भी तार गये..।।

दूसरो के दर्द तकलीफ..
को अपनी पीड़ा समझ,
कितनो के कष्ट मिटा गये..।।

धरती पर आप अवश्य मानव रूप थे,
लेकिन कही ना कही आपमें..
देव गुण विधमान थे,
आप,अवश्य ही साधारण मनुष्य नही थे..!!

मेरे पिता आपके चरणो में बारम्बार नमन 🙏💐😢
Happy Father's Day Papa..love you❤️💖❤️💖
🌹सुमन कुमावत🌹

Hindi Poem by Suman Kumavat : 111722186
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