आओं, कुछ देर के लिए हम बिछड़ जाये
पल के लिए सच्चे प्यार को पहचान जाये
सनम, हम कुछ देर के लिए जुदा हो जाये
कुछ अहसास कुछ देर के लिए बदल जाये
देखो तो सही, प्यार हमारे दिल में क्या तूफां रखता ?
बिन एक के, वो कितनी मायूसियों को गले लगाता ?
दिल तड़पता या फिर अजनबी हसरतों को ही ढूंढता ?
वफ़ा का जो दम भरता, वो उसे कब तक निभाता ?
कसमें वादों की, दुनिया का सफर जो दिल रोज करता
क्या, प्यार की रस्में जुदा होकर रोज ऐसे ही निभाता ?
"तुमसे है मुझे प्यार" कहने वाला जज्बा कब तक रहता ?
उदास न होना, परीक्षा का फल अगर सही नहीं निकलता
प्यार तो एक दरिया, हरदम योंही बहता ही रहेगा
विश्वास की बूंदों से सदा टपटप करता ही रहेगा
नव स्पर्शों में हरदम अपना रंग बदलता ही रहेगा
रंग बदलती दुनिया में बेवफाई का खेल चलता रहेगा
दर्द के दस्तूर बदल जाते, तो चाहत के सबूत भी मिट जाते
प्रेमित खिले फूल सब्ज हो, अंगड़ाईयों से सहज गिर जाते
आवाज देने की न कोई जरुरत, आहट के संकेत बता देते
"कमल" प्रेम में पागल पक्षी बन, निशब्द ही गले लग जाते
✍️ कमल भंसाली