मनुष्य कितना भी गोरा क्यों ना हो
परंतु
उसकी परछाई सदैव काली होती है ,,,,,!!
"मैं" श्रेष्ठ "हूँ " यह आत्मविश्वास हैं
लेकिन
सिर्फ "मैं ही श्रेष्ठ हूँ " यह अहंकार है,,,,,,,"
इच्छा पूरी नही होती तो क्रोध बढता है!
और इच्छा पुरी होती है तो लोभ बढता है
इसलिए जीवन की हर स्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठ है ।
🦚 जय सियाराम जी 🦚