इजहार कैसे करे की इश्क हुवा है आपसे,
लगता है रब ने कोई तीखी चाल चली है हमसे।
दिल कहता है वार कर, मन कहता है विचार कर,
अब इस मासूम का तू ही कुछ न्याय कर।
सपनों में पास रहती तू आज दूर खड़ी है,
न जान है न पहचान, फिर क्यों लगती खास है।
मुस्कुराहट तेरी और बढ़ती दिल की धड़कन मेरी,
करले अंतिम फैसला ए सपनों की रानी,
बना ले हमसे दूरी या तो बन जा जीवनसंगिनी मेरी।
-Kirtipalsinh Gohil