अब उससे बात नही करनी है,
अब उससे बात नही करनी है
पर बात उसी की करनी है ।
दिन दे दिया ए ज़िन्दगी तुजे अपना,
पर रात उसी की करनी है ।
बख्शे अगर मुफ्त में
मुझे खुदा से खास इक हसरत उसी की करनी है,
में क्या करूँ इन दीवानो का,
मझे बदतमीजियां बरदास्त बस उसी की करनी है ।
-निधि नारवाल